अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड शतक अफगानिस्तान के खिलाफ खेलते हुए 17 सितंबर 2026 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन गया। तीसरे और आखिरी टी20 में अभिषेक ने सिर्फ 34 गेंदों में शतक जड़ते हुए भारत को 221/7 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया, और फिर भारतीय गेंदबाज़ों ने अफगानिस्तान को महज 94 रन पर समेटकर 127 रनों की भारी जीत के साथ सीरीज़ पर 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। यह भारत की लगातार सातवीं टी20 जीत भी है, जो आगामी एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया के आत्मविश्वास को और मज़बूत करती है।

अभिषेक का तूफानी शतक: रिकॉर्ड्स की झड़ी

टॉस अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जदरान ने जीता और भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया, यह फैसला उन्हें बुरी तरह भारी पड़ा। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने पारी की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और सिर्फ पहले छह ओवरों में ही टीम को 95/0 तक पहुंचा दिया यह किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है, और अभिषेक अकेले पावरप्ले खत्म होने तक नाबाद 76 रन (सिर्फ 22 गेंदों में) बना चुके थे।

अभिषेक ने महज 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वहीं रुकने का उनका कोई इरादा नहीं था। उन्होंने अफगान गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई जारी रखी और नौवें ओवर में अपना शतक पूरा किया, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हुआ जब किसी बल्लेबाज़ ने इससे तेज़ शतक जड़ा हो। यह किसी भी पूर्ण सदस्य (फुल-मेंबर) टीम के खिलाफ खेला गया अब तक का सबसे तेज़ टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक बन गया, और ओवरऑल यह तीसरा सबसे तेज़ टी20I शतक है। शतक पूरा करते ही अभिषेक अपने मेंटर युवराज सिंह को सम्मान देते हुए ध्यान (मेडिटेशन) की मुद्रा में बैठ गए, गौरतलब है कि युवराज सिंह के नाम भारत के लिए सबसे तेज़ टी20I अर्धशतक का रिकॉर्ड दर्ज है।

अपनी पारी में अभिषेक ने कुल 11 छक्के और 9 चौके जड़े, यानी उनके कुल 108 रनों में से 100 रन सिर्फ बाउंड्री से आए, जो किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय पारी में बाउंड्री से बने रनों का सबसे ज्यादा प्रतिशत है। इसके साथ ही अभिषेक अब दुनिया के ऐसे इकलौते बल्लेबाज़ बन गए हैं जिनके नाम 30 गेंदों या उससे कम, और 40 गेंदों या उससे कम में सबसे ज्यादा शतक दर्ज हैं। आखिरकार रशीद खान की एक गुगली पर अभिषेक 34 गेंदों में 108 रन बनाकर आउट हुए।

भारत की 3-0 क्लीन स्वीप अफगानिस्तान सीरीज़: कैसे बना 221/7 का स्कोर

भारत की 3-0 क्लीन स्वीप अफगानिस्तान सीरीज़ में तब्दील होने की नींव इसी विस्फोटक शुरुआत ने रखी, लेकिन आखिरी ओवरों में अफगानिस्तान की वापसी को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अभिषेक के आउट होने के बाद संजू सैमसन ने दूसरे छोर पर संभलकर खेलते हुए 35 गेंदों में 50 रन बनाए। इसके बाद रशीद खान ने शानदार वापसी करते हुए तिलक वर्मा को अपनी ही गेंद पर रन आउट किया और फिर एक शानदार लॉन्ग ऑफ कैच पर सैमसन को भी पवेलियन भेज दिया। इसके अलावा तिलक वर्मा, इशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर तीनों रन आउट हुए, जबकि शिवम दुबे भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। रशीद खान के आखिरी ओवर में 17 रन बने, जिससे अफगानिस्तान की गेंदबाज़ी में आखिरी क्षणों में थोड़ी राहत मिली। इन सबके बावजूद, 142/0 की शानदार शुरुआत के बाद भारत की पूरी टीम 20 ओवर में 221/7 तक ही पहुंच सकी फिर भी यह लक्ष्य अफगानिस्तान के लिए नामुमकिन साबित हुआ।

अफगानिस्तान की पारी: 94 रन पर ढेर

222 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की पारी शुरू से ही लड़खड़ा गई। भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण ने अनुशासित लाइन लेंथ के साथ लगातार दबाव बनाए रखा, और पूरी अफगान टीम महज 14.1 ओवर में 94 रन पर सिमट गई। नितीश कुमार रेड्डी दूसरे टी20 की तरह ही एक बार फिर सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, पहले ओवर में 15 रन देने के बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए 3/25 का शानदार आंकड़ा दर्ज किया। रवि बिश्नोई ने भी 3/26 के आंकड़े के साथ अपनी स्पिन जादूगरी दिखाई। इस तरह भारत ने अफगानिस्तान को 127 रनों के भारी अंतर से हराकर सीरीज़ में क्लीन स्वीप पूरी की।

सीरीज़ के बड़े अवार्ड्स

अभिषेक शर्मा को उनकी 108 रनों की मैच जिताऊ पारी के लिए न सिर्फ प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, बल्कि पूरी सीरीज़ में शानदार फॉर्म (तीन पारियों में 229 रन, औसत 76.33) के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का खिताब भी मिला। दिलचस्प बात यह है कि संजू सैमसन भी पूरी सीरीज़ में शानदार लय में रहे, तीन पारियों में 117 रन (औसत 39.00) के साथ उन्होंने लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ा था। गेंदबाज़ी में नितीश कुमार रेड्डी सीरीज़ में सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, जिन्होंने तीन पारियों में कुल 6 विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह (5 विकेट) और रवि बिश्नोई (4 विकेट) भी शानदार फॉर्म में रहे।

कप्तान श्रेयस अय्यर का बयान

मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने अफगानिस्तान टीम के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि टीम इस बात को लेकर सम्मानित महसूस करती है कि अफगानिस्तान भारत आकर एक सीरीज़ की मेज़बानी कर रहा है, भले ही तकनीकी तौर पर यह भारत की “होम सीरीज़” जैसी परिस्थितियों में खेली गई। यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की गर्मजोशी को भी दर्शाती है।

आगे क्या: एशियन गेम्स की तैयारी

इस सीरीज़ के खत्म होते ही भारतीय टीम का अगला पड़ाव है। 22 सितंबर को जापान के खिलाफ एक वन-ऑफ टी20 मुकाबला, जो एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले खेला जाएगा। दिलचस्प संयोग यह है कि अफगानिस्तान भी 24 सितंबर को जापान के खिलाफ ही एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत करेगा। भारत के लिए यह सीरीज़ सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सही समय पर सही लय हासिल करने का एक बेहतरीन मौका साबित हुई, तीनों मैचों में मिली एकतरफा जीत ने टीम मैनेजमेंट को बेंच स्ट्रेंथ आज़माने का भी भरपूर मौका दिया, जिसमें वैभव सूर्यवंशी और वॉशिंगटन सुंदर जैसे युवा खिलाड़ियों को अवसर मिलने की चर्चा भी चल रही थी।