इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 3-0 से व्हाइटवॉश किया एजबेस्टन में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट में जो रूट और जॉर्डन कॉक्स की नाबाद अर्धशतकीय पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने आठ विकेट से जीत दर्ज की, और इसी के साथ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में पूर्ण क्लीन स्वीप पूरा हो गया। यह हार पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सिर्फ एक और स्कोरलाइन नहीं, बल्कि उस गहरे संस्थागत संकट का ताज़ा सबूत है, जिसकी चर्चा हाल के हफ्तों में मिस्बाह उल हक के कोच भेदभाव वाले आरोपों और मोहम्मद यूसुफ के 2021 की जीत पर दिए गए बयान के ज़रिए पहले ही हो चुकी है।

एजबेस्टन टेस्ट में इंग्लैंड की जीत पाकिस्तान क्रिकेट संकट: मैच का पूरा हाल

चौथे दिन लंच से पहले ही इंग्लैंड ने यह मुकाबला अपने नाम कर लिया, लेकिन पाकिस्तान ने हार से पहले प्रतिरोध दिखाने की भरपूर कोशिश की थी। नौवें विकेट के लिए रज़ाउल्लाह और मोहम्मद अब्बास के बीच हुई 121 रनों की अप्रत्याशित साझेदारी ने पाकिस्तान को एक ऐसी स्थिति से बाहर निकाला, जो एक और पारी की हार जैसी दिख रही थी, और टीम को 129 रनों की बढ़त तक पहुंचा दिया। हालांकि इंग्लैंड के लिए यह लक्ष्य हमेशा हासिल करने लायक ही दिख रहा था।

चौथे दिन की शुरुआत में मोहम्मद अब्बास ने अपनी शानदार सीरीज़ को जारी रखते हुए दिन के पहले ही ओवर में इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों को आउट कर दिया। लेकिन इसके बाद जो रूट और जॉर्डन कॉक्स की जोड़ी ने पारी को संभाला। रूट को एक बार मोहम्मद अली की गेंद पर बोल्ड आउट करार दिया गया था, लेकिन नो बॉल के चलते वे बच गए, यह पूरी सीरीज़ में अली की 18वीं नो-बॉल थी, जो पाकिस्तानी गेंदबाज़ी की अनुशासनहीनता को भी उजागर करती है। रूट ने मैच के दौरान हेलमेट टूटने पर सुपरग्लू से खुद उसकी मरम्मत भी की यह पल इस बात का एक दिलचस्प प्रतीक बन गया कि कैसे रूट पूरी पारी के दौरान इंग्लैंड की पारी को “जोड़े” रखने वाली कड़ी बने रहे। आखिरकार रूट और कॉक्स दोनों नाबाद अर्धशतक जड़ते हुए इंग्लैंड को आठ विकेट की जीत तक ले गए।

सीरीज़ के आंकड़े: पाकिस्तान के लिए बेहद निराशाजनक

पूरी सीरीज़ के आंकड़े पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा हालत को साफ तौर पर बयां करते हैं। इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ओली रॉबिन्सन ने पूरी सीरीज़ में 21 विकेट सिर्फ 8.76 की औसत से लिए यह किसी भी गेंदबाज़ द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में की गई अब तक की सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ी में गिनी जा रही है, और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज़ चुना गया। बल्लेबाज़ी में हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 215 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील (204 रन) सबसे सफल बल्लेबाज़ रहे, जबकि मोहम्मद अब्बास ने 13 विकेट लेकर पाकिस्तान के प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का खिताब हासिल किया, यानी टीम की नाकामी के बावजूद कुछ व्यक्तिगत प्रदर्शन सराहनीय रहे।

सीरीज़ की शर्मिंदगी में एक और परत तब जुड़ गई जब पाकिस्तान को एजबेस्टन टेस्ट के दौरान धीमी ओवर-रेट के चलते वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 11 अंक गंवाने पड़े यह दंड टीम की मौजूदा प्रबंधन अव्यवस्था को और उजागर करता है। मैच के प्लेयर ऑफ द मैच डैन लॉरेंस ने प्रेजेंटेशन के दौरान स्वीकार किया कि शुरुआत आसान नहीं थी, क्योंकि मोहम्मद अब्बास हमेशा की तरह सही जगह गेंद डाल रहे थे, लेकिन जो रूट के अनुभव और कॉक्स के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मंज़िल तक पहुंचा दिया।

पहले से जारी संकट की कड़ी में एक और अध्याय

यह हार उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है, जिसकी चर्चा हाल के हफ्तों में लगातार होती रही है। इससे ठीक पहले पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने पीसीबी पर स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए चयन समिति से इस्तीफे की पेशकश की थी। लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में 194 रनों की हार के बाद पीसीबी ने बीच सीरीज़ में ही सात खिलाड़ियों जिनमें कप्तान सलमान अली आगा भी शामिल थे को वापस बुला लिया था, और हेड कोच सरफराज़ अहमद व गेंदबाज़ी कोच उमर गुल को भी हटा दिया था। इसी दौरान पूर्व बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ ने यह विवादित बयान दिया था कि 2021 टी20 वर्ल्ड कप में भारत पर मिली ऐतिहासिक जीत ने पाकिस्तान क्रिकेट को आत्ममुग्धता में धकेल दिया, जिसका खामियाजा टीम आज तक भुगत रही है।

एजबेस्टन में मिली यह आखिरी हार अब उस पूरी कहानी पर मुहर लगाती दिख रही है, बीच सीरीज़ में हुए फेरबदल के बावजूद टीम अपने प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं ला सकी, और सीरीज़ 3-0 के भारी अंतर से गंवा बैठी। पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर, जिन्होंने इससे पहले टीम में व्यापक ओवरहॉल की मांग की थी, के लिए यह नतीजा उनकी उस चेतावनी को और मज़बूती देता नज़र आता है कि पाकिस्तान क्रिकेट को सिर्फ सतही बदलाव नहीं, बल्कि एक गहरे संरचनात्मक सुधार की ज़रूरत है।

आगे क्या?

सीरीज़ की हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने कई बड़े सवाल खड़े हैं। क्या मौजूदा टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ में और बदलाव होंगे, क्या मिस्बाह का इस्तीफा अब औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा, और क्या टीम आगामी घरेलू सीज़न में किसी दीर्घकालिक पुनर्निर्माण योजना पर काम करेगी। पाकिस्तान की अगली सीरीज़ श्रीलंका के खिलाफ सफेद गेंद क्रिकेट में होने वाली है, जो टीम प्रबंधन के लिए एक नई शुरुआत का मौका हो सकती है। लेकिन इंग्लैंड में मिली इस करारी 3-0 हार के बाद बुनियादी सवाल अब भी वहीं खड़े हैं जहां वे मिस्बाह और यूसुफ के हालिया बयानों के वक्त थे।